Wednesday, 28 October 2015

वंश

" अरे भई कोई घर में घी के दिये जलायेगा भी या नहीं  ,  लड्डू मिठाई से मुँह तो मीठा कराओ दामाद जी का  घर में साक्षात लक्ष्मी जी पधारी है । "
" अरे अम्मा जी ! आपको भी बहुत-बहुत बधाई  रातों रात इतना बदलाव कैसे ?  " 
" अरे निमेष जी आप भी ना बातों को पकड़ बैठते है । जमाना बदल गया है अब वंश लड़को से नहीं लड़कियों से चलेगा मैं कहे देती हूँ हाँ नहीं तो । "

( पंकज जोशी ) सर्वाधिकार सुरक्षित ।
लखनऊ । उ०प्र०
२८/१०/२०१५

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