Wednesday, 28 October 2015

वंश - 2

"अरे बधाई हो आपको नानी जी ! परनानी जो बन गईं आप , आज मैं बहुत खुश हूँ । दीपावली में साक्षात लक्ष्मी जी हमारे घर पधारीं हैं । यह लीजिये मुँह मीठा कीजिये । "

निमेष ने जैसे ही मिठाई का डिब्बा खोल मिठाई उनको खिलानी चाही उन्होंने बेरुखी से मुँह फेरते हुए कहा । " आपको पता नहीं दामाद जी ज्यादा मीठा खाने से सुगर बड़ जाती है । और वैसे भी लड़की ही  पैदा हुई है कोई लड़का तो नहीं । अब लक्ष्मी  आयेगी या जायेगी यह तो वक़्त ही बतायेगा । "

( पंकज जोशी )सर्वाधिकार सुरक्षित ।
लखनऊ । उ०प्र०
२९/१०/२०१५

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