Saturday, 17 October 2015

डर

" अरे वाह ! देखो तो सही श्रीमती जी आज की लड़कियों के चेहरों  को , आत्मविश्वाश से भरपूर देश की रक्षा के लिये कुछ भी कर गुजरने को तैय्यार हैं । " समाचार पत्र में छपे चित्र को दिखाते हुए शर्मा जी बोले ।
तभी पीछे से प्रीति की आवाज सुनाई पड़ी " माँ ! शाम को कालेज से आने में जरा देर हो जायेगी फेयरवेल पार्टी है ।
 " कोई जरूरत नहीं फेयरवेल पार्टी में जाने की क्लास खत्म होने के बाद सीधा घर आना समझी !  " पर बाबू जी फेयर वेल पार्टी तो हम लोंगो के लिये है और अभी आप ही तो कह रहे थे आज कल की लड़कियाँ आत्मविश्वाश से भरी हुई हैं " 
" पेपर में जो कुछ भी छपता है वह सब सच नहीं होता समझी " आँखें तरेरते हुए शर्मा जी बोले ।

(पंकज जोशी) सर्वाधिकार सुरक्षित ।
लखनऊ । उ०प्र०
१७/१०/२०१५

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