Friday, 28 August 2015

 " दंड "
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" क्यों चौधरी आज तुझे सांप क्यूँ सूँघा हुआ है, जब तेरे घर से बारात उलटे वापस चली गई ? यही पगड़ी तब क्यों ना उतरी ?  जब तू बरसों पहले श्यामा के घर से बारात वापस ले आया था ! तुझे उसी का श्राप लगा है ।"

अस्पताल के बिस्तर में फालिज की मार खाये चौधरी की आत्मा उसको रह रह कर कचोट रही थी ।

( पंकज जोशी ) सर्वाधिकार सुरक्षित ।
लखनऊ । उ. प्र
29/08/2015

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