Saturday, 4 April 2015

टारगेट 
---------------
सेल्स की जॉब होती ही ऐसी है , दिन रात एक कर लो पर टारगेट है कि सुरसा की तरह मुँह बाये खड़ा रहता है । रमण अपना माथा ठोक रहा था
पूरी सेल्स टीम को अगले दिन मीटिंग हाल में एम डी साहब के सामने मार्केटिंग टीम के बिजनेस हेड बनर्जी साहब प्रेजेंटेशन दे रहे थे । प्रेसेंटेशन के अंत में बोले अगर व्यक्ति में हौसला हो तो वह कुछ भी हासिल कर सकता है चाहे तो आसमान छू ले । हम तो बैठ कर नीतियों का निर्माण कर सकते है । गाय को कैसे और कितनी बार दुहना है वह आप का काम है
अगले दिन एम डी साहब का मेल सेल्स टीम के पास आया नए मार्केटिंग टीम के हेड श्री शर्मा जी ने आज अपनी कम्पनी को ज्वाइन किया है उम्मीद है कि पिछले फाईनेंसियल ईयर की तरह आप लोग दुगने जोश से इस साल भी कार्य करेंगे और कम्पनी को नई बुलंदी पर लेकर जाएंगे । सन्देश मानो बर्रे के डंक जैसा था जिसने हृदय के अंदर तक सिरहन पैदा कर दी थी ,अगली  बारी किसकी ?
(पंकज जोशी) सर्वाधिकार सुरक्षित ।
लखनऊ  । उ.प्र

03/04/2015

No comments:

Post a Comment