Saturday, 4 April 2015

अप्रैल फूल
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सुबह सुबह किसका फोन है ,हेलो जी मैं अनु बोल रही हूँ आपके पास वाली फ्लैट से कल आप का पार्सल गलती से मेरे पास आया है शायद विदेश से है , उसके थोड़ी देर बाद मेरी छोटी बहन चाय की प्याली हाथ में लिए आई और फोन से छेड़ छाड़ करने लगी । उसके चेहरे की स्मित रेखाएं और गालों में पड़े डिम्पल सारी कहानी बयां कर गये ।

(पंकज जोशी) सर्वाधिकार सुरक्षित ।
लखनऊ । उ.प्र
01/04/2015
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